रक्षा असैनिक कर्मचारी आपूर्तिकर्ता निदेशालयमेरा खाता

नोडल एजेंसी अनुभाग

प्रभारी अधिकारीः    श्री बी एस घटक, व॰ लेखा अधिकारी
इंटरकोम सं0.         124    ईमेलआइडी: nodalagency.pcdand@nic.in

लक्ष्यः 

 

  • पी सी डी ए, नई दिल्ली में नोडल एजेंसी अनुभाग बना दिया गया था तथा अप्रैल, 1998 से इस अनुभाग ने कार्य करना शुरु कर दिया था।
  • नोडल एजेंसी अनुभाग को केन्द्रीय एजेंसी के रुप में बनाया गया तथा इसका मुख्य उद्देश्य विदेश में भारतीय दूतावास में तैनात रक्षा सलाहकारों द्वारा व्यय किये गये रक्षा व्यय की प्रतिपूर्ति करना है। यह प्रतिपूर्ति रक्षा लेखा मुख्य नियंत्रक , विदेश मंत्रालय को  भारतीय रिज्रव बैंक (केन्द्रीय लेखा अनुभाग) ,नागपुर के साथ पुस्तक समायोजन के माध्यम से की जाती है। पी सी डी ए , नई दिल्ली में नोडल एजेंसी की स्थापना से पूर्व ,सी सी ए, एम ई ए, को रक्षामव्यय की प्रतिपूर्ति विभिन्न क्षेत्रीय /कार्यकारी नियंत्रक द्वारा की जा रही नथी , जिसके परिणाम स्वरूप प्रतिपूर्ति में अधिक भ्रम और विल्मब हो जाता था।

 

अधिकार क्षेत्रः

नोडल एजेंसी अनुभाग का अधिकार क्षेत्र प्रतिपूर्ति से पहले बिलों के पश्च लेखा परीक्षण किये जाने के बाद रक्षा की तरफ से निम्न मंत्रालयों/विभागों को किये गये व्यय की प्रतिपूर्ति तक ही सीमित हैः-
 

  • विदेश मंत्रालय,   
  • शहरी विकास मंत्रालय
  • सी पी डब्ल्यू डी,
  • मुद्रण विभाग
  • डीजीएमएपी( विवाहित स्थान परियोजना) – सी पी डब्ल्यू डी से संबंधित अंश

 

 

 

  1. विदेश मंत्रालयः

    • संसारभर में स्थित 145-150 राजदूतावास/एच सी आइ के संबंध में सी.सी.ए., एम.इ.ए., नई दिल्ली से प्रदत्त मासिक वाउचरों की प्राप्ति पर संगत सेवा कूट शीर्षों के रक्षा व्यय की बुकिंग।
    • रक्षा की तरफ से एम.इ.ए. द्वारा किये गये व्यय से संबंधित वाउचरों का पश्च लेखा परीक्षण। .
    • तीनों सेवाओं तथा डी.आर.डी.ओ. से संबंधित विभिन्न राजदूतावासों/एच.सी.आइ. में तैनात अधिकारियों/अधिकारी रैंक से नीचे के कार्मिकों(पी बी ओ आर) के जी पी एफ/अन्य वसूली के आधार पर सी.सी.ए., एम.ई.ए., नई दिल्ली से प्राप्त साख हेतु रक्षा विनिमय लेखा के अधीन रक्षा अंतर्विभागीय अनुसूची को तैयार करना।.
    • पी सी डी ए(नेवी), मुम्बई को सरकारी स्वीकृति के आधार पर संबंधित राजदूतावास/एच सी आइ द्वारा किये गये व्यय तथा विदेशी बंदरगाहों पर घूमते भारतीय नौसेना के जहाजों के संबंध में प्रदत्त वाउचरों का अनुसूचीयन।
    • विदेशों में संबंधित नियंत्रक कार्यालय की अस्थायी ड्यूटी(टी डी)/प्रशिक्षण इत्यादि पर नियुक्त अधिकारियों द्वारा निकाले गये अग्रिम के प्रदत्त वाउचरों की अनुसूची करना।
    • ऐसे वाउचर जो रक्षा से संबंधित नहीं है उनको आर बी आइ(सी ए एस), नागपुर को पी सी डी ए, नई दिल्ली के विरुद्ध सी.सी.ए., एम.इ.ए. नई दिल्ली द्वारा मारे गये छापे के साथ  आर बी आइ का मिलान कर लेखा अनुभाग को वापिस करना।
  2. शहरी विकास मंत्रालय

  3. (क)  केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (सी पी डब्ल्यू डी) -
    • रक्षा की तरफ से किये जाने वाले राजस्व कार्य तथा पूंजी हेतु विभिन्न सी पी डब्ल्यू   डी प्रभागों द्वारा ( लगभग 30 प्रभाग) उठाये गये सी पी डब्ल्यू डी (रोकड़ निपटान उचंत खाते) विलों का लेखा परीक्षण।
    • रक्षा सेवा शीर्ष को प्रतिपक्षे नामे जारी चैक द्वारा सी एस एस ए बिलों को पास करना।
    • सी ए ओ, रक्षा मंत्रालय/वायु सेना मुख्यालय/नौसेना मुख्यालय तथा ई-इन-सीज शाखा द्वारा जारी बजट एवं निधि की मानिटरिंग करना।.
    • पश्च लेखा परीक्षण हेतु रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (पश्चमि कमान), चंडीगढ़ को प्रदत्त वाउचरों का अनुसूचीयन।
       
    (ख)   मुद्रण विभागः

    उपर दिये गये उप पैरा (क) के अनुसार 

    (ग)   महानिदेशक, विवाहित आवास परियोजना

     

    • वर्ष, 2003 से प्रभावी लगभग 13 स्थानों पर सी पी डब्ल्यू डी द्वारा किये गये कार्य हेतु विवाहित आवास बिलों का लेखा परीक्षण एवं प्रतिपूर्ति ।
    • महानिदेशक, एम ए पी द्वारा नियुक्त सलाहकारों को सौंपे गये समीक्षा परामर्श कार्य का लेखा परीक्षण एवं भुगतान।
    • एम.ए.पी. हेतु सी पी डब्ल्यू डी को प्रतिपूर्त मासिक व्यय रिपोर्ट को तैयार करना।
    • डी.जी.एम.ए.पी. के संबंध में बजट की मानिटरिंग करना।
    • सी जी डी ए को समीक्षा परामर्श कार्य हेतु व्यय की पाक्षिक रिपोर्ट तैयार करना/रिपोर्ट भेजना।
    • सी.जी.डी.ए. को एम.ए.पी. हेतु सी.पी.डब्ल्यू.डी. को प्रतिपूर्त व्यय पर व्यय की पाक्षिक रिपोर्ट तैयार कर देना।
    • महानिदेशक, एम.ए.पी. द्वारा जारी प्रशासनिक अनुमोदनों के संबंध में डी.जी.एम.ए.पी. परियोजनाओं की मानिटरिंग करना।

 

कार्यः

अनुभाग के कार्यों का संक्षिप्त ब्यौरा मुख्यालय कार्यालय के दिनांकः 24/3/1998 के पत्र संख्या ए/1/12273/पी ए ओ- ए जी/उचंत/पी सी  के तहत निहित है जोकि मुख्यालय  के दिनांक 30/8/2000 के समसंख्यक पत्र द्वारा पुनः संशोधित किया गया है.।

इस अनुभाग से संबंधित कार्य को आज की तारीख तक निर्धारित मैनुअल में शामिल नहीं किया गया है।

बार – बार पूछे जाने वाले प्रश्न (एफ ए क्यू) -

प्र.    मैं तीन वर्षों के लिये विदेशी राजदूतावास/एच सी आइ में प्रतिनियुक्ति पर था। तथापि जी पी एफ/डी एस ओ पी/ए जी आइ/एन जी आइ/एच बी ए/ए जी आइ तथा अन्य अंशदान/कटौतियां के आधार पर मेरे वेतन तथा भत्तों में से की गयी कटौतियां मेरे खाते में जोकि संबंधित सी डी ए/पी ए ओ द्वारा व्यवस्थित किया जाता है, में क्रेडिट नहीं की गयी हैं।
     
उत्तर.  जी पी एफ/डी एस ओ पी/ए जी आइ/एन जी आइ/एच बी ए/ए जी आइ जी तथा अन्य अंशदान/वसूली के कारण सभी साख वसूलियां इस कार्यालय में रक्षा लेखा मुख्य नियंत्रक, एम ई ए, अकबर भवन, नई दिल्ली से प्राप्त की जाती हैं तथा संगत सेवा शीर्ष को दिये गये व्यय का समेकन करने के पश्चात एक माह के भीतर उठाये गये  डी आइ डी अनुसूची (रक्षा अंतर  विभागीय अनुसूची) की प्राप्ति पर संबंधित सी डी ए/पी सी डी ए को पास कर दी जाती हैं। अपने पी सी डी ए/ सी डी ए/ पी ए ओ द्वारा इसे प्राप्त न होने की पुष्टि पर यह सलाह दी जाती है कि अपना माह तथा आर बी आइ सलाह नंबर जिसके अतर्गत आपकी साख इस कार्यालय को प्रेषित की गयी थी, जानने के लिये सी सी ए, एम इ ए, नई दिल्ली से संपर्क किया जाए। इस कार्यालय द्वारा दस कार्य दिवस के अन्दर प्रदत्त वाउचर को ढूंढने तथा साख के स्थानांतरण की पुष्टि होने का कार्य किया जाएगा।
यह भी नोट किया जाए कि संगत वेतन बिलों तथा अनुसूचियों के साथ समर्थित आर बी आइ सलाह इस कार्यालय में प्राप्त की जाती है। हालांकि  कभी –कभी नामे/साख इस कार्यालय में बिना वाउचरों के साथ प्राप्त कर लिये जाते हैं, जिसके कारण यह हमारे लिये असंभव हो जाता है कि किसके नाम यह राशि  है और इसलिये यह साख सी सी ए, एम इ ए, नई दिल्ली को इस कार्यालय द्वारा लौटा दी जाती हैं।